ओझा उवाच

Once upon a time I tried to write ...

Apr 18, 2025

उत्तम आहार - पशु आहार

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  पिछले दिनों एक मित्र मिलने आये। शनिवार का दिन। आराम से पसर के बैठे। खाते-पीते बैकग्राउंड वाले हैं, तो जहाँ बैठें, अच्छा रेडियस घेर लेते है...
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Dec 31, 2021

सरल करें!

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बचपन में किसी बात पर किसी को कहते सुना था – “अभी ये तुम्हारी समझ में नहीं आएगा। ये बात तब समझोगे जब एक बार खुद पीठिका पर बैठ जाओगे।” यादों क...
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Jul 27, 2021

रिटायरमेण्ट@45

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[आदरणीय ज्ञानदत्त जी की पोस्ट रिटायरमेण्ट@45 पोस्ट पढ़ने के बाद लगा कि दो-चार बातें कहनी चाहिए। तो उन बातों को … पढ़ा जाय।]  १ पिछले कुछ वर...
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Jun 19, 2021

मौसम नहीं, मन चाहिए!

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[ट्विट्टर पर एक वायरल फोटो देख “ where I need to study ” मन में एक प्रश्न उठा कि ये सब भी लगता है पढ़ाई में? हमें तो लगता था पढ़ाई के लिए क...
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May 27, 2021

... गिरिजेश राव 🙏

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गिरिजेश राव का जाना असहनीय है। उनकी कमी रहेगी। आजीवन। क्या समझें, क्या समझाएँ और क्या लिखें!  वो ऐसे थे कि उनके नाम के आगे आचार्य स्वतः लग ज...
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मेरे बारे में !

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Abhishek Ojha
एक सीधा-सादा इंसान. किस्मत अब तक जहाँ भी ले गई... लगता है उसी के लिए बना था. फिलहाल एक इनवेस्टमेंट बैंक में कार्यरत.
पढने की बीमारी जो बचपन में लगी उसका अब तक इलाज नहीं हो पाया. काम के बाद घूमने-फिरने, फिल्मों और पुस्तकों से जो समय बच जाता है ...उसी बचे समय के बकवास की कुछ झलकियाँ कभी-कभी इधर भी आ जाती हैं.

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